सरकारी डॉक्टर कैसे बने?

आज के इस कंपटीशन युग में लगभग सभी छात्र छात्राओं की चाहत सरकारी नौकरी को पाने की रहती है जिसमें कुछ विद्यार्थियों का सपना सरकारी डॉक्टर बनने की होती है.

इसलिए आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे की सरकारी डॉक्टर कैसे बने और इस से सम्बंधित सारी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको देने जा रहे हैं.

डॉक्टर बनने की प्रक्रिया

डॉक्टर एक सम्मानजनक पद है जिसे अधिकतर विद्यार्थी पाना चाहते हैं. डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होता है जो अपने कार्यों से सभी मानव जाति जो इस धरती पर जी रहे हैं उन्हें जीने योग्य बना कर अपनी योगदान देते हैं.

डॉक्टर एक सम्मानजनक पद के साथ-साथ मान सर्वश्रेष्ठ पद भी है जिसे पाना बहुत ही कठिन है. विद्यार्थी हासिल करने में सक्षम हो पाते हैं जब बहुत ही मेहनत और लगन से अपनी पढ़ाई पूरी करते है.

इससे संबंधित कोर्स को अत्यधिक मेहनत और लगन से पूरा करना होता है इसे वही विद्यार्थी कर सकता है जो तेज बुद्धि के हो.

इस धरती पर डॉक्टर को महान दर्जा दिया गया है क्योंकि वह भगवान के रूप में लोगों के शारीरिक कष्टों को निवारण करते हैं.बड़े से बड़े बीमारी का निवारण कर मरीजों को नया जीवन प्रदान करते हैं.

जो विद्यार्थी डॉक्टर की पढ़ाई करते हैं उन्हें निम्न स्तर से उच्च स्तर तक की जानकारी इमानदारी पूर्वक हासिल करनी होती है तभी वह एक सफल डॉक्टर बन सकते हैं.

इसकी पढ़ाई करने के लिए अत्यधिक मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है, तेज करार विद्यार्थी ही इस कोर्सों को पूरा करने में सक्षम हो पाते हैं क्योंकि इसमें शरीर के छोटे से छोटे तथा बड़े से बड़े जानकारी को हासिल करना होता है जो सबके बस की बात नहीं है.

वही विद्यार्थी इसे हासिल करने में सक्षम हो पाते हैं जो शुरुआत से ही जीव विज्ञान में रुचि रखते हैं. तो आइए हम बताते हैं आपका प्रारंभिक कार्य क्या होना चाहिए? 

1. 10th पास करने के बाद बायोलॉजी सब्जेक्ट का चयन करें

जिस विद्यार्थी का सपना सरकारी डॉक्टर बनने का होता है उनके लिए दसवीं बाद साइंस विषय को चयन करना अनिवार्य है. बिना साइंस विषय के आप डॉक्टर नहीं बन सकते.

इसके दौरान आपको साइंस विषय में PCB लेना आवश्यक है.

11वीं तथा 12वीं में पीसीबी की पढ़ाई मेहनत पूर्वक करनी होगी इसके साथ बायोलॉजी विषय से संबंधित सभी लेसन को इमानदारी पूर्वक पढ़ना होगा तभी आपको बायो से संबंधित सभी जानकारी हासिल होगी.

11वीं तथा 12वीं में बायोलॉजी की पढ़ाई बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी में आपको बायो की निम्न स्तर से उच्च स्तर तक की जानकारी हासिल करनी होगी.

इन क्लासों में आपको मनुष्य के शरीर के साथ साथ पादपों के हर क्रियाकलापों की जानकारी विस्तृत पूर्वक मिलेगी.

आपको छोटे से छोटे जानकारी पाना आवश्यक है. एक सफल डॉक्टर बनने के लिए मानव के शरीर के हर क्रियाकलापों की जानकारी रखना आवश्यक है.

11वीं तथा 12वीं में बायो के साथ साथ अन्य विषयों में भी 50 परसेंट या इससे ज्यादा मार्क्स लाना अनिवार्य है.

2. एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करें

यह एग्जाम 12वीं बाद ली जाती है. एंट्रेंस एग्जाम बहुत ही कठिन होता है वही विद्यार्थी इसे क्लियर कर पाते हैं जो 11वीं तथा 12वीं की पढ़ाई मेहनत पूर्वक की होती है.

इस एग्जाम में बैठने के लिए आपको 12वीं में 50 परसेंट या इससे ज्यादा मार्क्स आपके लिए अनिवार्य है.

इस कंपटीशन युग में लाखों लाख विद्यार्थी इसमें भागीदारी लेते हैं इसलिए जो इमानदारी पूर्वक पढ़ाई किए होते हैं उनके लिए यह कठिन कतई नहीं होता.

अगर आपको सरकारी डॉक्टर बनना है तो आपको एंट्रेंस की तैयारी इलेवंथ क्लास से ही शुरु कर देनी चाहिए क्योंकि 12वीं बाद एग्जाम की तैयारी के लिए टाइम नहीं रहता.

ग्यारहवीं क्लास की पढ़ाई के साथ-साथ आपको इंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करनी चाहिए तभी आप इसे क्लियर करने में सक्षम हो पाएंगे.

आपको 11वीं तथा 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी भी इमानदारी पूर्वक करनी होगी तभी आप का चयन हो पाएगा.

इसके दौरान आपको आपके आंखों के अनुसार डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए कॉलेज मिलेगी.

एंट्रेंस की तैयारी के लिए आप पीसीबी की ट्यूशन के साथ-साथ एंट्रेंस एग्जाम के लिए भी ट्यूशन ले सकते हैं तभी आपका तैयारी अच्छे से हो पाएगा. बहुत से ट्यूशन है जहां इनकी तैयारी करवाई जाती है.

यदि आप चाहे तो फोन पर इंटरनेट की मदद से घर बैठे इसकी तैयारी कर सकते हैं तथा इस एग्जाम से संबंधित सारी जानकारी भी ग्रहण कर सकते हैं.

इस प्रकार आपका 11वीं तथा 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ एंट्रेंस एग्जाम की भी तैयारी आसानी पूर्वक हो सकती है.

एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने के दौरान ही आपको आपके लायक है आंखों के अनुसार डॉक्टर की पढ़ाई के लिए कॉलेज मिलेगी.

इसके पश्चात आप अच्छे कॉलेज के मेडिकल की पढ़ाई करने में सक्षम हो पाएंगे.

3. एंट्रेंस एग्जाम के लिए अप्लाई कैसे करें? 

12वीं पास करने के दौरान ही  आप एंट्रेंस एग्जाम को अप्लाई कर सकते हैं. इन प्रिंस को तभी अप्लाई कर सकते हैं जब आपका मार्क्स 12वीं एग्जाम में हर सब्जेक्ट में 50% या इससे ज्यादा हो.

इसलिए अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो आपको 12वीं में हर सब्जेक्ट में 50 परसेंट या इससे ज्यादा मार्क्स लाना अनिवार्य है.

अगर आप डॉक्टर बनने की चाहत रखते हैं तो आपको एंट्रेंस एग्जाम में अच्छे अंको से पास होना अनिवार्य है क्योंकि आपके अंकों के आधार पर मेडिकल की पढ़ाई के लिए आपको कॉलेज मिलेगी.

अगर आपका मार्क्स एंट्रेंस एग्जाम में अच्छा है तभी आपको मेडिकल की पढ़ाई के लिए अच्छे कॉलेज मिलेंगे अन्यथा नहीं .

एंट्रेंस की रिजल्ट आने पर काउंसलिंग की जाती है तथा इसके दौरान जो जैसा मार्क्स लाता है उसके आधार पर मेडिकल की पढ़ाई के लिए उन्हें वैसा कॉलेज मिलता है.

 अगर आपका मार्क्स एंट्रेंस एग्जाम में ज्यादा है तो आपको गवर्नमेंट कॉलेज में कम फि में मेडिकल की पढ़ाई करने को मिल सकता है. इसलिए यदि आपको एक सफल डॉक्टर बनने की चाहत है तो एंट्रेंस एग्जाम में आपको पास होना अनिवार्य होगा.

एंट्रेंस एग्जाम बहुत टाइप के होते हैं जैसे एआईआईएमएस, एआईपीएमटी, एमएच, सीईटी, डीपीएमटी, पीएम ईटी तथा यूपी एमटी इत्यादि आप चाहे तो इन्हें अपने अनुसार अप्लाई कर सकते हैं.

4. मेडिकल कॉलेज अच्छे मार्क्स से पास करें

 यदि आप 12वीं बाद दिए गए एंट्रेंस एग्जाम में पास होते हैं तो आपको मार्क्स के अनुसार डॉक्टर की पढ़ाई के लिए कॉलेज मिलेगा उसमें आपको डॉक्टर की पढ़ाई की अवधि 4 से 5 साल की हो गई इस बीच आपको डॉक्टर से संबंधित सारे क्रियाकलापों को जानने का अवसर मिलेगा.

इसके दौरान एमबीबीएस डॉक्टर बनने के लिए आपको कॉलेज में 1 साल के लिए इंटरशिप करना होगा जो अनिवार्य है.

5. डॉक्टर बनने के लिए इंटरशिप करें 

4 से 5 साल मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई करने के दौरान आपको मेडिकल कॉलेज से 1 साल के लिए इंटरशिप करना होगा जो बेहद ही अनिवार्य है.

डॉक्टर बनने के लिए आपको 5 साल डॉक्टर की पढ़ाई करनी होगी तभी आप एक सरकारी डॉक्टर बन सकते हैं.

हम आपको बता दें कि एमबीबीएस की पढ़ाई करने के साथ इंटर्नशिप करने के दौरान आपको मेडिकल काउंसिल द्वारा डिग्री मिलेगी. इसके पश्चात ही आप किसी हॉस्पिटल के डॉक्टर बनने में सक्षम हो पाएंगे.

इस डॉक्टर बनने के बाद अगर आपका सपना किसी चीज के स्पेशलिस्ट बनने का है तो आप इसके आगे अपनी पढ़ाई जारी रख वह सपना पूरा कर सकते हैं.

सरकारी डॉक्टर बनने में कितना पैसा लगता है?

अगर आप एक 11वीं में पढ़ रहे हैं और आपका सपना डॉक्टर बनना है तो लगभग सभी विद्यार्थी जो डॉक्टर फिल्म में जाना चाहते हैं उनके मन में सवाल उठ रहा होता है किसकी तैयारी में कितना पैसा लगेगा? 

मेडिकल कोर्स की फि प्राइवेट और सरकारी कॉलेज में अलग-अलग होती है.

जो विद्यार्थी प्राइवेट कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई करते हैं उन्हें गवर्नमेंट कॉलेज की अपेक्षा ज्यादा फि  देना पड़ता है. प्राइवेट कॉलेज में मेडिकल की तैयारी करने में 30 लाख से एक करोड़ तक का खर्च होता है.

वहीं अगर सरकारी कॉलेज की बात करें तो प्राइवेट की अपेक्षा कम ही लगता है. इसमें लगभग 500000 से 1000000 ही खर्च होते हैं.

जिस स्टूडेंट का मार्क्स एंट्रेंस एग्जाम में ज्यादा आता है उन्हें गवर्मेंट कॉलेज में कम फि के साथ पढ़ने का अवसर मिलता है.

डॉक्टर बनने के लिए कौन-कौन सी डिग्री लेनी होती है? 

हम कुछ स्पेशल कोर्सों को बताने जा रहे हैं जिसे करने के बाद ही आप डॉक्टर बन सकते हैं.

इस कोर्स को करने के लिए 12वीं में साइंस PCB लेकर पढ़ना पड़ता है तथा 12वीं में 50% या उससे ज्यादा मार्क्स लाना आवश्यक है.

1. MBBS

MBBS का फुल फॉर्म bachelor of medicine and bachelor of surgery होता है.

इस कोर्स की अवधि 4 साल की होती है इसके दौरान 1 साल इंटरशिप करना होता है. यह कोर्स  कुल  5 साल में पूरा होता है.

2. BDF

इस का फुल फॉर्म bachelor of dental surgery  होता है.

इस कोर्स के अंतर्गत दांतों की जानकारी दी जाती है जिससे दांतो के डॉक्टर तैयार होते हैं.

इस कोर्स की अवधि भी 4 साल की होती है और 1 साल इंटरशिप करना होता है कुल 5 साल इस कोर्स को करने में लगता है.

MBBS कैसे करे ये जानने के लिए हमारे लिखे आर्टिकल को जरूर पढ़ें.

3. BPT 

इस का फुल फॉर्म bachelor of physiotherapy होता है इसमें विद्यार्थियों को फिजिकल एक्टिविटी के जरिए मरीज को ठीक करना सिखाया जाता है यह एक सर्जिकल कोर्स होता है.

शरीर में हो रहे दर्द को खत्म करना या दूर करना इस कोर्स के थ्रू सिखाया जाता है. यह कोर्स की अवधि 4 साल की होती है जिसमें 6 महीने की इंटरशिप होती है.

4. BHMS

इस का फुल फॉर्म bachelor of homeopathic medicine and surgery होता है.

इस कोर्स के जरिए बीमारी को जड़ से खत्म किया जाता है यह बहुत ही पॉपुलर कोर्स है इसकी अवधि साढ़े 4 साल की होती है और 1 साल इंटरशिप करना होता है.

5. BAMS

इस का फुल फॉर्म bachelor of ayurvedic medicine and surgery होता है. इसमें आयुर्वेदिक से संबंधित सारी जानकारी विद्यार्थियों को दी जाती है यह कोर्स भी बहुत ही पॉपुलर है.

इसकी अवधि साढे 4 साल की होती है और 1 साल इंटरशिप करना होता है.

 6. BUMS

इस का फुल फॉर्म bachelor of unani medicine and surgery होता है. इस कोर्स की अवधि भी साढ़े 4 साल की होती है तथा 1 साल इंटरशिप करना होता है.

निष्कर्ष

सरकारी डॉक्टर बनना लगभग सभी छात्राओं का सपना होता है क्योंकि यह एक ऐसा पद है जहां आपको दुआ सम्मान तथा इज्जत दिया जाता है.

आशा है आपको हमारा आर्टिकल सरकारी डॉक्टर कैसे बने? पसंद आया होगा.

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Wasim Akram

वसीम अकरम WTeckni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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