डी फार्मा की तैयारी कैसे करें? इसके कोर्स तथा क्वालिफिकेशन

डी फार्मा एक मेडिकल साइंस कोर्स है जिसके माध्यम से डी फार्मेसी ब्रांच के अंतर्गत उम्मीदवारों को स्वास्थ्य से  संबंधित विभिन्न प्रकार की दवाओ के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाती है. आज आप हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे कि डी फार्मा की तैयारी कैसे करें?

डी फार्मा कोर्स मेडिकल क्षेत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है इसलिए बहुत से ऐसे विद्यार्थी होते हैं जिन्हें अलग-अलग मेडिसिंस का प्रोडक्शन करना अच्छा लगता है.

वह इस कार्य के प्रति रुचि रखते हैं उन्हीं विद्यार्थियों के द्वारा यह कोर्स की जाती है, हालांकि मेडिकल के क्षेत्र में अन्य और भी कई प्रकार के अच्छे कार्य हैं लेकिन इस कोर्स के लिए इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार इसकी पढ़ाई करते हैं.

डी फार्मा किसे कहते हैं?

डी फार्मेसी ब्रांच के अंतर्गत डी फार्मा कोर्स आता है जिसमें उम्मीदवारों को मेडिसिन से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारी सिखाई जाती है जैसे दवाइयों का उत्पादन कैसे किया जाता है, मार्केट में दवाइयों का वितरण किस प्रकार की जाती है.

हर एक प्रकार की दवाइयों के गुण क्या होते हैं, एवं इसका संग्रहण कैसे किया जाता है? इन सभी जानकारियों को इसको इस कोर्स के अंतर्गत विद्यार्थियों को सिखाया जाता है.

डी फार्मा का फुल फॉर्म “डिप्लोमा इन फार्मेसी” होता है.

डी फार्मेसी ब्रांच के अंतर्गत सभी मरीजों के लिए अलग-अलग क्वालिटी का मेडिसिन बनाया जाता है. 

डी फार्मेसी ब्रांच के अंतर्गत डी फार्मा एक ऐसा कोर्स है जिसके माध्यम से सभी मरीजों के लिए मेडिसिंस तैयार करने के साथ-साथ इसे बेचने तथा इसकी सारी गुणों की जानकारी रखना सिखाया जाता  है.

मेडिसिंस रोगियों के लिए जीवनदान पदार्थ होता है जिसे लेने  के पश्चात मरीजों के रोग दूर होते हैं अर्थात लोग रोग मुक्त होते हैं. इसलिए यह कोर्स बहुत ही महत्वपूर्ण कोर्स माना जाता है. 

हर एक बीमारी के लिए अनेक प्रकार की दवाइयों का प्रोडक्शन इसी ब्रांच के अंतर्गत किया जाता है जिससे आज तक हर एक मरीज ठीक हुआ है इसलिए यह ब्रांच हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं.

हर एक विद्यार्थियों की सपना अलग-अलग नौकरियों को हासिल करना होता है कुछ ऐसे विद्यार्थी होते हैं जो डी फार्मा के लाइन में जाना पसंद करते हैं.

डी फार्मा कोर्स के लिए क्राइटेरिया क्या है?

जो विद्यार्थी इस लाइन में जाना चाहते हैं या इस कोर्स को सीखने के लिए इच्छुक हैं उन्हें किसी भी स्ट्रीम से ट्वेल्थ पास होना आवश्यक है.

उम्मीदवार जो डी फार्मा कोर्स करने की इच्छा रखते हैं उन्हें साइंस आर्ट्स या कॉमर्स इन तीनों में किसी एक्सट्रीम से ट्वेल्थ पास होना अनिवार्य है.

उन विद्यार्थियों का 12वीं कक्षा में 50% से अधिक मार्क्स होनी चाहिए यदि वे एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थी हैं जो विद्यार्थी एससी एसटी वर्ग के हैं उनके लिए बारहवीं कक्षा में 45% मार्क्स निर्धारित किया गया है.

इस कोर्स के लिए एडमिशन का प्रोसेस क्या क्या है?

जो भी कैंडिडेट इस कोर्स के लिए कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं उन्हें सबसे पहले एडमिशन की एलिजिबिलिटी पता होनी चाहिए .

इस कोर्स के लिए कॉलेज में एडमिशन दो प्रकार से ली जाती है इस कोर्स के लिए भारत में सरकारी के साथ-साथ गवर्नमेंट कॉलेज भी उपलब्ध है.

कई ऐसे कॉलेजेस है जो विद्यार्थियों को इस कोर्स के लिए डायरेक्ट एडमिशन देता है और कुछ ऐसे कॉलेजेस हैं जिनमें यदि आपको एडमिशन लेना है तो इसके लिए एंट्रेंस पास करना होगा, बिना इंट्रेंस पास किए  कुछ कॉलेज एडमिशन नहीं देता है.

जो उम्मीदवार ऐसे कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं जहां एंट्रेंस एग्जाम देना होता है उन विद्यार्थियों को एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी अच्छी तरीके से करनी होगी क्योंकि इन सभी कॉलेज एंट्रेंस एग्जाम में आए गए मार्क्स के अनुसार एडमिशन देती है.

इस कोर्स के लिए फीस कितनी लगती है?

हर एक कॉलेज इस कोर्स को करवाने के लिए अलग-अलग फीस लेती है कुछ कॉलेज में कम फि में इस कोर्स को कराया जाता है तो किसी कॉलेज में अधिक फीस ली जाती है.  

सरकारी कॉलेज डी फार्मा की कोर्स को कराने के लिए 15000 से 30000 लेती है

वहीं प्राइवेट कॉलेज की बात करें तो प्राइवेट कॉलेज में इस कोर्स को करने के लिए 30000 से 35000 फीस लगती है.

जब कैंडीडेट्स एंट्रेंस एग्जाम में पास होते हैं तभी उनका एडमिशन कॉलेज में होता है, एंट्रेंस एग्जाम मे हर बच्चे पास नहीं होते जो एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी अच्छी तरीके से करते हैं.

वही उम्मीदवार एंट्रेंस में उतर जाते हैं और उन्हीं का एडमिशन डी फार्मा के कॉलेज में होता है. 

इसलिए अभ्यर्थी को डी फार्मा कोर्स को सीखने के लिए सबसे पहले एंट्रेंस एग्जाम की अच्छी तरीके से तैयारी करनी होती है क्योंकि एंट्रेंस एग्जाम में पास होने के पश्चात ही कॉलेज आपको एडमिशन देगी और फिर आपको डी फार्मा की कोर्स पढ़ाई जाएगी.

डी फार्मा में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम?

कुछ ऐसे कॉलेज होते हैं जो बिना एंट्रेंस एग्जाम के बच्चों को एडमिशन देते हैं वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे कॉलेजेस हैं जो बिना एंट्रेंस एग्जाम के किसी भी कैंडिडेट को एडमिशन नहीं देती.

इसलिए उम्मीदवारों को कुछ इंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करनी होती है. इस कोर्स के लिए कई तरह के एंट्रेंस एग्जाम देने होते हैं जिस में पास होने के पश्चात ही कॉलेज मैं एडमिशन हो पाता है.

PMET, UPSEE,GPAT,CPMT,JEE pharmacy ,etc इन सभी एंट्रेंस एग्जाम को कॉलेज के द्वारा ली जाती है जिसमें उम्मीदवारों को निश्चित मार्क्स लाना अनिवार्य है. तभी उनका एडमिशन होना संभव हो पाएगा.

डी फार्मा के स्पेशल कोर्सेस:-

D-pharma के कुछ महत्वपूर्ण कोर्सेज हैं जिन कोर्सों को उम्मीदवारों को पढ़ाया जाता है:-

  • Inventory control,
  • Third party billing,
  • Accurate and confidential record keeping,
  • Pharmacy software practice,
  • Accurate and sale processing of prescription,
  • Elective verbal and written communication,
  • Compounding techniques.

यदि आप भी इस फील्ड में जाना चाहते हैं तो आपको भी कॉलेज में मेडिसिन से संबंधित इन सभी महत्वपूर्ण कोर्सों को पढ़ाया जाएगा.

डी फार्मा कोर्स करवाने वाले कॉलेजों के नाम:-

डी फार्मा कोर्स बहुत से कॉलेज करवाते हैं जो इंडिया में उपलब्ध हैं:-

  • JSS college of pharmacy, the Nil girls.
  • Shri Guru Govind Singh tricentenary University, Gurgaon.
  • Delhi institute of pharmaceutical science and research, New Delhi.

योग्य उम्मीदवार इन सभी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करते हैं और जिन विद्यार्थियों का मार्क्स एंट्रेंस एग्जाम में अच्छा होता है उन्हें इन सभी कॉलेज में एडमिशन मिलती है और मेडिसिन की हर एक क्रियाकलाप को इन्हें बताया जाता है. 

इस प्रकार इच्छुक उम्मीदवार इन सभी कॉलेज में एडमिशन ले कर अपनी डी फार्मा कोर्स को कंप्लीट कर सकते हैं. और अपना भविष्य उज्जवल कर सकते हैं.

डी फार्मा कोर्स की स्किल?

जो कैंडिडेट एंट्रेंस एग्जाम में पास होकर कॉलेज में एडमिशन लेते हैं उन्हें कुछ स्पेशल d-pharma के कोर्स बताए जाते हैं जिन्हें वे ईमानदारी पूर्वक सीखते हैं.

कोर्स सीखने के साथ-साथ उन्हें कुछ कार्यों को करने के लिए सिखाया जाता है जो निम्नलिखित: –

  • ऑर्डर के लिए पेपर वर्क को कंप्लीट करने का काम इस कोर्स के अंतर्गत सिखाया जाता है.
  • फार्मासिस्ट के सुपरविजन में रहने के साथ-साथ ऑर्डर को फिल करना,
  • क्लाइंट इनफार्मेशन को फील करना.
  • ड्रग एंड मेडिकल टर्मिनोलॉजी को समझकर अप्लाई करना d-pharma सीख रहे कैंडिडेट को करना होता है.
  • ड्रग डोजेज की कैलकुलेशन को समझना.

इन सभी कार्यों को कैंडिडेट डी फार्मा कोर्स करते हुए सीखते हैं इस प्रकार वे मेडिसिंस के हर एक कार्य को इस कोर्स के अंतर्गत सीख पाते हैं.

जो कैंडिडेट इस कोर्स को सीखने होते हैं उन्हें प्रोडक्शन से लेकर सेलिंग तक की सारी जानकारी दी जाती है जिससे वे मेडिसिंस को कोई भी मार्केट में सील करने में सक्षम हो पाते हैं क्योंकि मेडिसिंस को पैक करने के साथ-साथ उनके हर एक दोस्त की कैलकुलेशन रखना एक एक्सपीरियंस है जिसे उम्मीदवारों को सिखाया जाता है.

जब यह कोर्स पूरी होती है इसके पश्चात कैंडिडेट अपने क्षेत्र में मेडिसिंस की मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं.

डी फार्मा कोर्स करने के बाद जॉब

डी फार्मा कोर्स करने के बाद उम्मीदवार को निम्नलिखित प्रकार से जॉब मिल सकती है :-

इस कोर्स को करने के पश्चात कैंडिडेट्स सर मस्के ग्रुप मेंसरकारी हॉस्पिटल,

क्लिनिक्स प्राइवेट हॉस्पिटल्स में प्रैक्टिस कर सकते हैं.

कैंडिडेट्स इस कोर्स को करने के बाद अपने खुद का एक ड्रग मेडिकल खोल सकते हैं. क्योंकि इस कोर्स में हर एक प्रकार की मेडिसिंस की जानकारी प्रदान की जाती है जिससे आप अपने क्षेत्र के मार्केट में दवाइयों का मार्केटिंग कर सकते हैं .

फार्मास्यूटिकल कंपनी में इस कोर्स को करने के बाद मैन्युफैक्चरिंग जैसे कार्यों को भी किया जा सकता है.

जो उम्मीदवार इस कोर्स को पूरा करते हैं वह प्राइवेट होम में भी साइंटिस्ट ऑफिसर के रूप में कार्य कर सकते हैं.

डी फार्मा करने के बाद की सैलरी

इस कोर्स को कंप्लीट करने के पश्चात कैंडिडेट्स को फिशर के रूप में पर मंथ दो से तीन लाख की सैलरी दी जाती है.सैलरी उनके कार्य पर डिपेंड करती है कि वह किस पोस्ट में कार्य कर रहे हैं .

निष्कर्ष

डी फार्मा मेडिकल क्षेत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कोर्स होता है जिसे इच्छुक उम्मीदवार इस कोर्स के अंतर्गत सारे क्रियाकलापों को सीखते हैं. आज हमने आपको बताया कि “डी फार्मा की तैयारी कैसे करें?”

उम्मीद है आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो.

Wasim Akram

वसीम अकरम WTeckni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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