Business Ideas Goat Farming: इन 6 आसान कदमों में शुरू करें खुद का बकरी पालन व्यापार।

हमारा देश भारत सदैव से ही कृषि कार्यों को प्राथमिकता देता आया है। किंतु जितनी प्राथमिकता इसने कृषि कार्यों को दी है। उतनी ही प्राथमिकता इसमें पशुपालन को भी दिया है। कुछ लोग शौक से पशुओं को पालते हैं। शौक से पाले जाने वाले पशुओं में कुत्ते ,बिल्ली, गाय ,भैंस ,तोता ,भेड़, बकरी और बहुत से जानवर है।

किंतु यह सब शौक से पहले जाने वाले पशुओं में से एक है। कुछ ऐसे चुनिंदा लोग होते हैं जो कुछ विशेष पशुओं को अधिक से अधिक संख्या में पालते  हैं। और उनको बेचकर तथा उनसे उत्पादित चीजों को जैसे दूध इत्यादि को बेचकर पैसे कमाते है।

हमारे देश में ऐसे बहुत से लोग हैं जो जानवरों को बड़ी तादाद में पालते हैं। और बाद में उन्हें बेचकर पैसे कमाते हैं। संभवत बहुत से लोगों को ऐसा महसूस हो रहा होगा कि भला इस बचकाने से काम से इंसान ऐसे कितने ही कमा सकता है?

तो यह बात आपको स्पष्ट कर दें कि इससे इतनी कमाई आसानी से हो जाती है जितने कि एक सामान्य इंसान को अपनी जीविका चलाने में लगती है।

आज के हमारे इस आर्टिकल का टॉपिक यही है। आप बकरी पालन या कहे तो Goat Farming के द्वारा अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। हम आपको इस आर्टिकल के द्वारा स्पष्ट करेंगे कि आप किस प्रकार से बकरी पालन अर्थात Goat Farming कर सकते हैं।

यदि आप भी बकरी पालन के विषय में सोच रहे हैं तो आपको इसकी मूलभूत जानकारी होना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

आदिकाल से ही जब से मनुष्य में सोचने और समझने का गुण विकसित हुआ है। तब से ही व पशुओं को पाल रहा है । मानव ने सर्वप्रथम कुत्ते को पालतू बनाया था। उसके बाद अन्य पशुओं में भी काबू करना प्रारंभ किया।

तब पशुओं को पालने का मुख्य उद्देश्य उनसे अपने कामों में सहायता प्राप्त करना था। आज पशुओं को पालने का अधिकतम उद्देश्य उनसे आर्थिक लाभ कमाना है।

एक आंकड़े के अनुसार हमारे देश भारत में कुल पशुओं में से 25.6% बकरियां है। इससे यह स्पष्ट होता है कि हमारे देश में अधिक से अधिक लोग बकरी पालन करते हैं।

इस सब के बाद भी हमेशा नए लोग इस व्यवसाय से जुड़े रहते हैं। बकरी पालन से कुछ वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। जैसे मांस (मीट), दूध, बाल (रेशा) तथा खाल इत्यादि। इन सभी चीजों की डिमांड बाजार में हमेशा रहती है।

जिस कारण इनकी नियमित आपूर्ति कर पाना बहुत कठिन हो जाता है। इसका परिणाम यह हुआ कि इनका मूल्य बढ़ता ही जा रहा है।

पहाड़ी क्षेत्र अथवा ग्रामीण क्षेत्रों में बकरियों का प्रयोग हल्के-फुल्के सामान ढोने में भी किया जाता है। कृषि संबंधित अन्य कार्यों की तुलना में बकरी पालन में  अधिक आर्थिक लाभ होता है।

इसके अलावा यदि आप चाहे तो बकरी पालन को एक अन्य आर्थिक स्रोत के रूप में भी चुन सकते हैं।

जाने क्या है बकरी पालने के लाभ:-

वैसे देखा जाए तो बकरी पालने के बहुत से लाभ होते हैं। किंतु आपकी जानकारी के लिए महत्वपूर्ण लाभ की सूची हमने नीचे बताइए।

  • Goat Farming कम खर्च , कम जगह मैं भी शुरू किया जा सकता है। यह बिजनेस फिक्स्ड इनकम पर डिपेंड है। 
  • क्योंकि बकरिया स्वभाव मैं शांत और आकार में भी बहुत छोटी होती है , तो इसका पालन महिलाएं भी आसानी से कर सकती है।
  • यदि जागरूकता अनुसार सावधानी बरती जाए तो बकरियों में होने वाली बीमारियों को भी बाधित किया जा सकता है।
  • बकरी को गरीब की गाय भी कहा जाता है। क्योंकि उसकी आर्थिक रूप से बहुत सहायता करती है।
  • जितना खर्च एक गाय या भैंस को पालने में आता है। उतरे में 5 से 7 बकरियां पाली जा सकती है। इसी वजह से  लोग इसके पालन को प्राथमिकता देते हैं।
  • सामान्यतः बकरी को पालने का मुख्य उद्देश्य इन से प्राप्त होने वाली मांस की प्राप्ति हेतु किया जाता है। हमारे देश भारत के बाजार में इसकी बहुत अधिक मांग होती है। जितनी अधिक इसकी मांग होती है उतना ही इसका मूल्य भी होता है। खाने में स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है।
  • दूध उत्पादन के लिए भेड़ बकरियों का प्रयोग किया जाता है। क्योंकि इनकी बाजार में अच्छी खासी कीमत मिल जाती है। भारत में उत्पन्न होने वाली दुग्ध वस्तुओं में से 3% बकरियों से प्राप्त होता है ।
  • भारत में जमुनापुरी बारबरी और बीटल बकरी के दूध के लिए प्रसिद्ध है।
  • बकरे से प्राप्त चमड़े का प्रयोग चमड़ा उद्योग में किया जाता है।
  • गाय के दूध से कभी-कभी बच्चों को एलर्जी हो जाती है। लेकिन बकरी के दूध से इस प्रकार की शिकायत बहुत कम आती है।
  • बकरी से प्राप्त बालो अथवा रेशों का प्रयोग रस्सी , कंबल आदि बनाने में किया जाता है। इनमें से कुछ अधिक गुणवत्ता वाले रेशे होते हैं। जो कि अच्छी नस्ल वाले बकरियों से प्राप्त होते हैं ।
  • बकरियों का आकार काफी छोटा होता है इस वजह से इसकी पशुशाला बनाने में कम खर्च आता है।
  • बकरियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य पशुओं की तुलना में अधिक होती है। जिस वजह से इनकी मृत्यु दर भी बहुत कम होती है।
  • बकरी पालन में जितनी पूंजी लगती है उसकी तुलना में से होने वाला मुनाफा बहुत अधिक होता है ।

बकरी पालन प्रारंभ किस प्रकार करें:-

जाहिर सी बात है किसी भी स्टार्टअप बिजनेस को करने के लिए प्रारंभ में पूंजी की आवश्यकता होती है। क्योंकि बकरी पालन भी एक प्रकार से बिजनेस ही है तो इसकी शुरुआत के लिए भी पूंजी की आवश्यकता बेशक पड़ेगी।

आपको प्रारंभ में 5 से 10 बकरियों को खरीदना होगा। उसके बाद इन बकरियों की संख्या साल दर साल बढ़ती ही जाएगी।

प्रारंभ में आप इस बकरी पालन के व्यवसाय को अपने घर से ही प्रारंभ कर सकते हैं। तत्पश्चात जब बकरियों की संख्या बढ़ जाएगी आप उनके लिए पशुशाला बेशक रूप से बनवा सकते हैं।

किस प्रकार की बकरियों को रखें:-

वैसे तो बकरी से उत्पन्न होने वाली वस्तुओं की बाजार में बहुत अधिक डिमांड है। लेकिन आप अपने नजदीकी बाजार में जिस चीज की सर्वाधिक मांग है उसके अनुसार बकरियों की नस्ल का चयन कर सकते हैं। या आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। 

निष्कर्ष:-

हम उम्मीद करते हैं कि हमारे आर्टिकल आपको पसंद आया होगा । इस आर्टिकल के माध्यम से हमने आपको बकरी के व्यवसाय को शुरू करने के विषय में विस्तार पूर्वक बताया है। हमने साथ में यह भी बताया है कि इसका क्या क्या लाभ है।यदि कोई प्रश्न आप हम से पूछना चाहते हैं तो कमेंट के जरिए सफलतापूर्वक पूछ सकते हैं।

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Wasim Akram

वसीम अकरम WTeckni के मुख्य लेखक और संस्थापक हैं. इन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है लेकिन इन्हें ब्लॉगिंग और कैरियर एवं जॉब से जुड़े लेख लिखना काफी पसंद है.

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